Summer express/शिमला/संजू-: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की देउरी पंचायत स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के नए भवन को लेकर मामला अब हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। भवन तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों को अब तक नए परिसर में स्थानांतरित नहीं किए जाने के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई निर्धारित की है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सचिव शिक्षा, निदेशक उच्च शिक्षा, उपायुक्त मंडी, उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देउरी के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता उदयनंद शर्मा ने अदालत को बताया कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा में देउरी स्कूल का पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से छात्र-छात्राएं किराए के भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि नया स्कूल भवन पूरी तरह तैयार है, लेकिन अब तक उसे विद्यार्थियों के लिए शुरू नहीं किया गया है।याचिका में यह भी कहा गया है कि जिस किराए के भवन में वर्तमान में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, वह पुराना होने के साथ-साथ बरसात के मौसम में सुरक्षा की दृष्टि से भी पूरी तरह उपयुक्त नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण को लेकर अभिभावकों में लगातार चिंता बनी हुई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात को गंभीरता से लिया कि भवन तैयार होने के बावजूद उसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। न्यायालय ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि विद्यार्थियों को नए भवन में स्थानांतरित करने में देरी किस कारण से हो रही है। साथ ही सभी अधिकारियों को 22 जुलाई से पहले विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।अब इस मामले पर अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी, जिसमें सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से जवाब पेश किया जाएगा। इस जवाब के आधार पर हाई कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।