Summer express, करनाल। हरियाणा के करनाल में एक नर्सिंग छात्रा ने समय पर सूझबूझ और मेडिकल जानकारी का इस्तेमाल कर सड़क हादसे में घायल 65 वर्षीय महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। हादसे के बाद जब महिला की हालत गंभीर हो गई और उनकी धड़कनें रुकने लगीं, तब छात्रा ने सड़क पर ही CPR देकर उन्हें जीवनदान देने का प्रयास किया।
घटना लाडो धाम क्षेत्र की बताई जा रही है। कुरुक्षेत्र के ईशाकपुर निवासी 65 वर्षीय रोशनी देवी अपने मायके जा रही थीं। बताया जा रहा है कि वह बस से उतरने के बाद सड़क पार कर रही थीं, तभी हरियाणा रोडवेज की एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
भीड़ के बीच नर्सिंग छात्रा ने संभाला मोर्चा
हादसे के समय गांधी नर्सिंग कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनाक्षी अपनी कक्षा खत्म कर घर लौट रही थीं। सड़क पर भीड़ देखकर वह मौके पर पहुंचीं और महिला की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत मदद के लिए आगे आईं।
मेडिकल प्रशिक्षण प्राप्त सोनाक्षी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोगों को पीछे हटाया और सड़क पर ही महिला को CPR देना शुरू कर दिया। उन्होंने करीब दो मिनट तक लगातार छाती पर दबाव देकर महिला को प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दी। साथ ही, वह मौके पर मौजूद लोगों से एंबुलेंस बुलाने की अपील करती रहीं।
एंबुलेंस का इंतजार किए बिना निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया
जब काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो सोनाक्षी ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक राहगीर की कार रुकवाई और घायल महिला को उसमें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। अस्पताल पहुंचने तक भी उन्होंने महिला को CPR देना जारी रखा, ताकि उनकी हालत और न बिगड़े।
समय पर CPR मिलने से बची महिला की जान
रोशनी देवी को करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। महिला के भाई सतपाल ने सोनाक्षी का आभार जताते हुए कहा कि परिवार को CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीक की जानकारी नहीं थी।
डॉक्टरों के अनुसार, हादसे के बाद महिला को समय पर CPR मिलना बेहद महत्वपूर्ण रहा। यदि मौके पर तुरंत प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता नहीं दी जाती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। मामले में जुंडला चौकी पुलिस को बस चालक के खिलाफ शिकायत दी गई है।