Mandi, 9 July – मंडी जिले के स्याठी गांव में 30 जून की रात आई भीषण आपदा के दौरान, एक पालतू कुत्ते की सतर्कता ने एक पूरे परिवार को काल से बचा लिया।
गांव के निवासी ललित कुमार ने बताया कि रात के समय हो रही मूसलाधार बारिश के बीच उनका कुत्ता अचानक तेज भौंकने लगा, जिससे उनकी नींद खुल गई। जब उन्होंने बाहर झांककर देखा तो पाया कि तेज बारिश का पानी बेकाबू होकर उनके घर की ओर बढ़ रहा था।
ललित ने तत्काल परिवार को जगाया और सबको लेकर पास ही स्थित दादा के पुराने मकान की ओर भागा। कुछ ही मिनटों में उनका मकान पानी के तेज बहाव में पूरी तरह से बह गया।दुर्भाग्य से उनका कुत्ता उसी मकान में रह गया और बह गया, लेकिन अगली सुबह एक चमत्कार की तरह वह मलबे के बीच से जिंदा मिला।ललित कुमार ने कहा कि अगर वो हमें समय पर न जगाता, तो शायद हम आज जिंदा न होते। वो सिर्फ कुत्ता नहीं, हमारा रक्षक फरिश्ता है.
स्याठी गांव में तबाही का मंजर
धर्मपुर उपमंडल का स्याठी गांव 30 जून की रात बादल फटने और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुआ।
- 27 घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं
- 11 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं
- 38 गौशालाएं बह गईं, जबकि 12 को नुकसान पहुँचा है
गनीमत रही कि समय रहते गांव के अधिकतर लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि 61 ग्रामीण अब बेघर हो चुके हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं।