Summer express, जालंधर। पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर हुए ग्रेनेड हमले की साजिश से जुड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो संदिग्ध शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों के पास से बरामद हथियार पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के जरिए पंजाब पहुंचाए गए थे। पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो प्रदेश में बड़ी टारगेट किलिंग या आतंकी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े आतंकी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि उनके कब्जे से बरामद पिस्टल पाकिस्तान स्थित नेटवर्क के निर्देश पर उपलब्ध करवाई गई थीं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार सीमा पार से किन माध्यमों के जरिए पंजाब तक पहुंचाए गए।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नकोदर के गांव मुज्जफरपुर निवासी विशाल कुमार और मानवजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वे पिछले करीब एक महीने से जालंधर के दो प्रमुख वीआईपी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। आरोपितों ने उनकी दिनचर्या, आने-जाने के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत रेकी भी कर ली थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जालंधर के अलावा अमृतसर और पटियाला में भी कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी। आतंकी नेटवर्क का उद्देश्य प्रदेश में भय, अस्थिरता और सांप्रदायिक तनाव का माहौल पैदा करना था। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन शहरों में संभावित लक्ष्य कौन थे और साजिश कितनी आगे बढ़ चुकी थी।
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों की निगरानी में एसीपी अमरबीर सिंह और सीआईए स्टाफ की टीम ने भगत सिंह कॉलोनी के निकट दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर-1 में आतंकवाद और संगठित अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके विदेशी संपर्कों की तलाश में जुटी हैं। मामले को पंजाब की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा मानते हुए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।