Summer express/हमीरपुर, अरविंद- : लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में हमीरपुर बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीति को वापस लेने की मांग की। विरोध के तहत बार एसोसिएशन ने दो दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है, जिसके चलते अधिवक्ता अदालतों में पेश नहीं होंगे और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल की व्यवस्था लागू होने से स्वतंत्र रूप से वकालत करने वाले अधिवक्ताओं के कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि यह नीति न्यायिक व्यवस्था में पहले से कार्यरत अधिवक्ताओं के हितों को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशन भी इस नीति का विरोध कर रही हैं।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कौंडल ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी इस नीति के विरोध में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है और उसी क्रम में हमीरपुर बार एसोसिएशन ने भी दो दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को भी निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे व्यवस्था का दुरुपयोग होने की आशंका है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अधिवक्ता निशा वर्मा ने कहा कि इस नीति का सबसे अधिक असर युवा वकीलों पर पड़ेगा। उनके अनुसार इससे स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने वाले नए अधिवक्ताओं के रोजगार के अवसर सीमित हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में कई मामलों में वकीलों को परिषद की व्यवस्था के तहत कार्य करना पड़ेगा, जिससे उनके पेशेवर अधिकार और कार्यक्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस नीति पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा।