Summer express/धर्मशाला, राहुल-: लगातार हो रही बारिश के चलते धर्मशाला क्षेत्र में सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला परिसर में एक मादा सांप अपने करीब 15 नवजात बच्चों के साथ दिखाई दी। सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों और स्टाफ को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है।
कॉलेज के प्राचार्य राकेश पठानिया ने बताया कि बरसात के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप अक्सर खुले स्थानों और संस्थानों के परिसर तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को झाड़ियों, घनी घास, पत्थरों की दीवारों और सुनसान हिस्सों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी को परिसर में सांप दिखाई देता है तो उसे पकड़ने, छेड़ने या उसकी फोटो और वीडियो बनाने के बजाय तुरंत कॉलेज प्रशासन को सूचित करें, ताकि वन्यजीव विभाग की सहायता ली जा सके।उन्होंने बताया कि फिजिक्स विभाग के समीप पत्थरों की दीवार के पास मादा सांप और उसके नवजात बच्चों को देखा गया था। सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर वन्यजीव विभाग की टीम कॉलेज पहुंच गई और पूरी सावधानी के साथ सभी सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान किसी भी छात्र या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है जितनी मानव सुरक्षा, इसलिए किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाने के बजाय विशेषज्ञों की मदद लेना सबसे बेहतर विकल्प है।प्राचार्य ने बताया कि लगभग 200 कनाल में फैले कॉलेज परिसर में नियमित रूप से घास की कटाई और सफाई करवाई जा रही है। बारिश के कारण घास तेजी से बढ़ती है, इसलिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार घास नियंत्रण के लिए दवाइयों का भी छिड़काव किया जा रहा है, ताकि परिसर सुरक्षित बना रहे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि बरसात के मौसम में सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कॉलेज प्रशासन को दें।