Summer express/धर्मशाला -:धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुधीर शर्मा ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला कानून और तथ्यों के बजाय राजनीतिक दबाव का परिणाम है तथा इसका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को धूमिल करना और उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना है। शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के दबाव में विजिलेंस ब्यूरो का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक विरोधियों को प्रशासनिक एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाना स्वस्थ परंपरा नहीं है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि अपने सार्वजनिक जीवन के दौरान उन्होंने हमेशा पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों का पालन किया है। उनकी आय, चल-अचल संपत्तियों तथा सभी वित्तीय लेन-देन का विवरण समय-समय पर आयकर विभाग, भारत निर्वाचन आयोग और अन्य सक्षम वैधानिक संस्थाओं के समक्ष विधि के अनुसार प्रस्तुत किया जाता रहा है। इसलिए उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।सुधीर शर्मा ने कहा कि किसी भी एफआईआर का दर्ज होना केवल जांच प्रक्रिया की शुरुआत होती है, इसे किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके विरुद्ध लगाए गए प्रत्येक आरोप का तथ्यात्मक और कानूनी उत्तर उपलब्ध है तथा उनकी प्रत्येक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का वैध एवं सत्यापित स्रोत मौजूद है। निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद सत्य स्वतः सामने आ जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर में लगाए गए कई आरोप अनुमान, अधूरी जानकारी और अस्थायी आकलनों पर आधारित हैं। इसी कारण वे इस पूरी कार्रवाई की वैधानिकता और औचित्य को सक्षम न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे जांच में बाधा उत्पन्न करने के रूप में प्रस्तुत करना पूरी तरह अनुचित है।सुधीर शर्मा ने दोहराया कि उन्हें भारतीय संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका और विधि के शासन पर पूर्ण विश्वास है। उन्होंने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर प्रत्येक जांच में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन अपनी प्रतिष्ठा और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का भी उपयोग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंततः सत्य की विजय होगी और वे सभी आरोपों से पूर्णतः निर्दोष सिद्ध होंगे।