एजेंसी | जयपुर
राजस्थान सरकार ने राज्य के आठ नवगठित जिलों में स्थायी लोक अदालतें स्थापित करने को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की स्वीकृति के बाद इन जिलों के लोगों को छोटे और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए दूर के जिला मुख्यालयों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को कम खर्च में जल्द न्याय उपलब्ध कराना है।
स्थायी लोक अदालतों में बिजली, पानी, परिवहन, डाक, दूरसंचार और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों का समाधान किया जा सकेगा। इससे आम लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया और अनावश्यक खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है। संबंधित विभागों को अदालतों के संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि नवगठित जिलों में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना से न्याय व्यवस्था लोगों के और करीब पहुंचेगी। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। लोक अदालतों में आपसी सहमति से विवादों का निपटारा होने से समय और संसाधन दोनों की बचत होती है। सरकार ने इसे सुगम और त्वरित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।