Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त विधि विभाग के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा ने अपने कार्यभार संभालने के बाद विभाग की भावी रणनीति और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट को ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर तक अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो सके। साथ ही युवा वकीलों को प्रशिक्षण, कानूनी जागरूकता और आधुनिक कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
तेजस्वी शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कोर्ट परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैंबर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस दिशा में सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा नए अधिवक्ताओं के लिए नियमित ट्रेनिंग कार्यक्रम, वरिष्ठ वकीलों के मार्गदर्शन में मेंटरशिप और नए कानूनों पर सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई), मानवाधिकार, संविधान और आपराधिक कानूनों में हुए बदलावों को लेकर भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
इस दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी तेजस्वी शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुद्दों की राजनीति में विश्वास करती है और व्यक्तिगत टिप्पणी या मर्यादा से नीचे जाकर हमला करने की पक्षधर नहीं है।एफआईआर को लेकर भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी शर्मा ने कहा कि किसी भी मामले में एफआईआर राजनीतिक आधार पर नहीं बल्कि शिकायत, उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपने तय कानूनी दायरे में काम करती हैं और संबंधित व्यक्ति को जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत मिलना प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है और एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।तेजस्वी शर्मा ने भाजपा से राजनीतिक विमर्श को मर्यादा के दायरे में रखने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गरिमापूर्ण संवाद और मुद्दा आधारित राजनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है।