गुरशरण सिंह | सुरिंदर सिंह अंकुश
समर न्यूज। मोहाली
चौथी बार पार्षद बने सुखदेव सिंह पटवारी ने अपने लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के दौरान वार्ड-34 में करवाए गए विकास कार्यों का विवरण साझा किया। उन्होंने सड़क, जल निकासी, पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को अपनी प्रमुख उपलब्धियां बताया। इसके साथ ही नगर निगम की बैठक में मोहाली को अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे।
वार्ड नंबर-34 के पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने बताया कि सेक्टर-70 में बरसात के दौरान निचले क्षेत्रों का पानी लोगों के घरों में घुस जाता था। समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने करीब 90 लाख रुपये की परियोजना मंजूर करवाई। इसके तहत सेक्टर के निचले हिस्सों में नई पाइपलाइन डालकर उसे मुख्य बरसाती पानी निकासी लाइन से जोड़ा गया। इस परियोजना के बाद घरों में बारिश का पानी घुसने की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।
उन्होंने बताया कि ऋषि सोसायटी पंजाब की ऐसी एकमात्र सोसायटी है, जहां नगर निगम की ओर से विकास कार्य करवाए गए हैं। सोसायटी में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से पूरे क्षेत्र में आरसीसी फर्श का निर्माण कराया गया।
पार्षद पटवारी के अनुसार, वार्ड की कई सड़कों का निर्माण और दोबारा तारकोल बिछाने का काम भी करवाया गया है। एलआईजी मकानों की जल निकासी पाइपलाइन में रुकावट की समस्या को देखते हुए करीब 15 दिन तक कैमरे की सहायता से पूरी पाइपलाइन का सर्वे कराया गया। सर्वेक्षण में जहां भी रुकावट मिली, वहां पाइपों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। उन्होंने बताया कि बूथ बाजार में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। युवाओं और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एक वॉलीबॉल कोर्ट तथा एक व्यायाम कोर्ट समेत दो खेल स्थल भी विकसित किए गए हैं।
सेक्टर-70 के सामुदायिक केंद्र की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक मरम्मत कार्य केवल 48 घंटे के भीतर करवाया गया। इसके साथ ही भवन में रंग-रोगन कर उसे बेहतर रूप
दिया गया।
पार्षद ने बताया कि सेक्टर-70 के सामुदायिक केंद्र को वातानुकूलित बनाने का प्रस्ताव करीब डेढ़ वर्ष पहले ही मंजूर हो चुका है। सेक्टर-69 का सामुदायिक केंद्र पूरी तरह वातानुकूलित किया जा चुका है और अब सेक्टर-70 के सामुदायिक केंद्र की बारी है। यहां भी जल्द वातानुकूलन का काम पूरा होने की उम्मीद है।
वार्ड के पार्कों में सैर करने के लिए नए ट्रैक बनाए गए हैं। खराब पड़ी एलईडी लाइटों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया गया है। पार्कों में फव्वारे लगाने का कार्य भी मंजूर हो चुका है और जल्द ही इन्हें स्थापित किया जाएगा।
मोहाली के सौंदर्यीकरण के लिए पार्षद के 11 सुझाव
नगर निगम वार्ड नंबर-34 के पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने 15 जुलाई 2026 को शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए नगर निगम को विस्तृत सुझाव दिए। उन्होंने मांग की कि निगम की बैठक में उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि शहर को सुंदर बनाने से पहले गंदगी, कचरा, अव्यवस्थित रेहड़ियों, यातायात और बेसहारा पशुओं जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।
- खाली भूखंडों में कचरा फेंकने पर कार्रवाई
उन्होंने कहा कि शहर की गंदगी का सबसे बड़ा कारण खाली भूखंडों, गांवों के आसपास और अन्य खुले स्थानों पर फेंका जा रहा कचरा है। पंजाब नगर निगम अधिनियम-1976 की धाराओं 341, 302, 309 और 329 के तहत ऐसे भूखंडों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य और शहर की सुंदरता पर असर पड़ रहा हो।
उन्होंने सेक्टर-70 में मटौर गांव के पास एक निजी बिल्डर की लगभग एक एकड़ खाली जमीन का उल्लेख किया, जहां लंबे समय से कचरा, निर्माण सामग्री और अन्य गंदगी फेंकी जा रही है। सुझाव दिया गया कि खाली भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और इन स्थानों को साफ करवाकर पार्कों के रूप में विकसित किया जाए। - कचरा संग्रह केंद्रों की व्यवस्था सुधारी जाए
पार्षद ने कहा कि शहर की सुंदरता बिगाड़ने का दूसरा बड़ा कारण आरएमसी कचरा संग्रह केंद्र हैं। कई केंद्रों पर कूड़े की छंटाई के लिए मशीनें होने के बावजूद बाहर तक कचरा फैला रहता है और दुर्गंध आती है। उन्होंने मांग की कि आरएमसी केंद्रों के चारों ओर दीवार बनाई जाए, कचरा केंद्र के अंदर ही रखा जाए और बाहर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई हो। समगोली में कचरा प्रबंधन संयंत्र लगाने के लिए पंजाब सरकार से बातचीत कर काम जल्द शुरू करने की भी मांग की गई। - बेसहारा पशुओं और कुत्तों
की समस्या
शहर की सुंदरता और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली तीसरी बड़ी समस्या बेसहारा पशु और आवारा कुत्ते बताए गए हैं। नगर निगम हर वर्ष इनके प्रबंधन पर धन खर्च करता है, लेकिन इसके बावजूद पशु सड़कों और घरों के आसपास घूमते रहते हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। - रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए निर्धारित स्थान
मोहाली की सड़कों और बाजारों में बड़ी संख्या में रेहड़ियां तथा फड़ियां लगती हैं। आरोप है कि इनके खिलाफ नियमित कार्रवाई नहीं होने से यातायात बाधित होता है।
पार्षद ने कहा कि केवल चालान या सामान उठाने के बजाय रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए निर्धारित स्थान बनाए जाएं, ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चलती रहे और यातायात प्रभावित न हो। - पार्कों के पास ‘फूड ऑन व्हील’ की व्यवस्था
शहर के बड़े पार्कों के पास खाने-पीने की रेहड़ियां लगाने के लिए ‘फूड ऑन व्हील’ के तहत निर्धारित स्थान देने का सुझाव दिया गया है। विक्रेताओं से तय शुल्क लिया जाए और उन्हें सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाए। इससे निगम की आमदनी भी बढ़ेगी और अव्यवस्थित रेहड़ियों की समस्या कम होगी। - रात के भोजन के लिए ‘फूड नाइट’ क्षेत्र
रात के समय खाने-पीने की दुकानों और रेहड़ियों के लिए अलग स्थान आवंटित कर ‘फूड नाइट’ क्षेत्र विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इससे नगर निगम को आय होगी और शहर में जगह-जगह फैलने वाले कचरे पर नियंत्रण किया जा सकेगा। - यातायात जाम का स्थायी समाधान
शहर में लगने वाले यातायात जाम का विस्तृत सर्वे करवाकर स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। जरूरत के अनुसार स्लिप रोड बनाए जाएं। यातायात के सही वितरण के लिए बनाई गई लेकिन बंद पड़ी सड़कों को दोबारा खोला जाए, ताकि मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके। - सफाई अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
शहर की सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। जिन क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होती, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगा जाए। - विकास अभियानों में सभी पार्षदों
की भागीदारी
सरकार की ओर से चलाए जाने वाले विकास और स्वच्छता अभियानों में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सभी पार्षदों को शामिल किया जाए। इससे किसी प्रकार का पक्षपात नहीं होगा और प्रत्येक वार्ड में समान रूप से काम हो सकेगा। - अपनी मंडी के बाद तुरंत सफाई
मार्केट कमेटी की ओर से शहर में लगाई जाने वाली ‘अपनी मंडी’ से लोगों को सुविधा मिलती है, लेकिन मंडी समाप्त होने के बाद प्लास्टिक के लिफाफे, खराब सब्जियां और अन्य कचरा पड़ा रहता है। मांग की गई कि मंडी समाप्त होते ही रात में सफाई करवाई जाए, ताकि अगली सुबह गंदगी न दिखाई दे। - गमाडा के खाली बूथ और दुकानें
साफ करवाई जाएं
गमाडा के कई सेक्टरों में खाली पड़े बूथ और दुकानें प्रवासी लोगों तथा नशा करने वालों के ठिकाने बनते जा रहे हैं। इन स्थानों को तुरंत साफ करवाकर गमाडा से खाली संपत्तियों की जल्द नीलामी कराने की मांग की गई है।
पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए केवल सजावट पर्याप्त नहीं है। कचरा प्रबंधन, यातायात, रेहड़ी-फड़ी, बेसहारा पशु, खाली भूखंड और अधिकारियों की जवाबदेही जैसी बुनियादी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।
कचरा प्रबंधन के लिए गमाडा से जमीन और 100 करोड़ रुपये की सहायता पर चर्चा
पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने बताया कि मोहाली में कचरा प्रबंधन की समस्या के समाधान के लिए गमाडा के मुख्य प्रशासक, नगर निगम आयुक्त, मोहाली के विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बैठक में नगर निगम द्वारा गमाडा से लगभग 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगे जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। गमाडा ने एरोट्रोपोलिस क्षेत्र में नगर निगम को दो एकड़ जमीन और एरोसिटी में दो अन्य स्थानों पर कचरा निस्तारण केंद्र के लिए जमीन देने पर सहमति जताई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जमीन मिलने के बाद मोहाली में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में बड़ी प्रगति होगी। संभावित 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता पर अंतिम फैसला भी जल्द होने की संभावना है।