समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए तीन नई निजी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रस्ताव और निजी स्कूलों की फीस को विनियमित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इन अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य उच्च शिक्षा को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाना तथा निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर प्रभावी अंकुश लगाना है। कैबिनेट ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज नीति-2026 के तहत तीन निजी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए अलग-अलग विधेयकों को मंजूरी दी।
सरकार के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय को कानूनी मान्यता अलग अधिनियम के माध्यम से दी जाएगी। इन संस्थानों में ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) के माध्यम से डिग्री, डिप्लोमा और कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल पंजाब को डिजिटल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से नौकरीपेशा लोगों, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और नियमित कॉलेज नहीं जा पाने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा घर बैठे उपलब्ध हो सकेगी। नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण, वर्चुअल लैब, डिजिटल मूल्यांकन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
कैबिनेट ने निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने के लिए पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। प्रस्तावित कानून के तहत निजी स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा तय की गई है।
साथ ही फीस निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा का व्यावसायीकरण रोकना उद्देश्य: बैंस
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा का व्यावसायीकरण रोकना और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल विश्वविद्यालयों की स्थापना से पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर की ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प मिलेगा, जबकि फीस नियमन कानून निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगा। सरकार के अनुसार दोनों प्रस्तावों को अब विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
निर्धारित नियमों के अनुसार ही फीस बढ़ा सकेंगे स्कूल
सरकार का कहना है कि लंबे समय से निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों की शिकायतें सामने आ रही थीं। नए कानून के लागू होने के बाद स्कूलों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही फीस बढ़ानी होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से फीस संबंधी विवरण सार्वजनिक करने और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का दावा है कि नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी व्यवस्था से उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा युवाओं व कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे राज्य में तकनीक आधारित शिक्षण व नवाचार को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। फीस रेगुलेशन विधेयक लागू होने के बाद निजी स्कूलों की फीस वृद्धि निर्धारित सीमा में रखनी होगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।