लक्की मेहता | लुधियाना
समर न्यूज
किचलू नगर में दो दिन पहले सड़क धंसी तो स्थानीय लोगों ने नगर निगम को शिकायत कर दी। गड्ढा अस्थायी तौर पर भर दिया गया, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं हुई। नतीजा, गुरुवार सुबह सड़क का करीब 30 से 35 फीट हिस्सा भरभराकर धंस गया। करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया और 45 से 50 साल पुरानी 78 इंच व्यास की सीवर लाइन टूट गई। राहत की बात रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता और निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
घटना लायलपुर स्वीट्स के पास की है। दो दिन पहले यहां एक कार का पहिया सड़क धंसने से गड्ढे में चला गया था। लोगों ने गड्ढा भरवाकर निगम को शिकायत दी थी और अधिकारियों ने समाधान का भरोसा भी दिया था। गुरुवार सुबह ईंटों से भरे ट्रक का पहिया भी उसी स्थान पर धंस गया। ट्रक हटाते ही सड़क का बड़ा हिस्सा बैठ गया।
निगम ने कहा : अंडरग्राउंड वायरिंग से सीवर लाइन को नुकसान
मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर और नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने मौके का दौरा किया। निगम की शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक निजी कंपनी द्वारा अंडरग्राउंड वायरिंग के दौरान सीवर लाइन को नुकसान पहुंचा था। निगम ने कहा कि विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
एक सप्ताह चलेगा मरम्मत कार्य
नगर निगम के एक्सईएन रणदीप सिंह ने बताया कि पहले प्रभावित मकान की सुरक्षा के लिए स्टील प्लेटें लगाई जाएंगी। इसके बाद क्षतिग्रस्त 78 इंच की सीवर लाइन के पास आरसीसी मैनहोल और सुरक्षा दीवार बनाकर पूरे हिस्से को दोबारा भरा जाएगा। मरम्मत कार्य एक सप्ताह तक चलेगा।
दो महीने में तीसरी घटना
शहर में यह पहली घटना नहीं है। 26 जून को सग्गू चौक स्थित ऑन होटल के पास सड़क धंसी थी। इसके बाद 30 जुलाई को हीरो बेकरी चौक में सड़क बैठ गई। अब किचलू नगर की घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सरकारी धन के उपयोग पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सराभा नगर में भी गड्ढा, मिट्टी डालकर निपटा मामला
सराभा नगर में गुरु नानक स्कूल के पास भी सड़क में गड्ढा बनने पर निगम कर्मचारियों ने केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क धंसने के कारणों की जांच किए बिना ऐसे अस्थायी उपाय भविष्य में बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं।
‘मिट्टी डालो और आगे बढ़ो’ पर उठ रहे सवाल
प्रभावित सड़क के नीचे बड़ी सीवर लाइन गुजरती है। आरोप है कि स्थायी इंजीनियरिंग समाधान की बजाय निगम कई स्थानों पर सिर्फ मिट्टी डालकर गड्ढे भर रहा है। मिंट गुमरी चौक में भी सड़क धंसने की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन वहां भी जिम्मेदारी तय करने की बजाय मामला टाल दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।