Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी की प्रस्तावित फ्री होल्ड पॉलिसी को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अंबाला छावनी के लोगों के हित प्रभावित हुए तो वह जनता के साथ खड़े होकर हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। विज ने भरोसा जताया कि आगामी बैठकों में पॉलिसी की खामियों को दूर कराया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई और जन आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
अग्रवाल धर्मशाला में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित बैठक में अनिल विज ने अंबाला छावनी की फ्री होल्ड पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी के सदर क्षेत्र को फ्री होल्ड करने की मांग कई वर्षों से उठती रही है और यह मामला अदालतों तक भी पहुंचा। हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा इस संबंध में नीति बनाने के निर्देश दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने फ्री होल्ड पॉलिसी तैयार की है।
विज ने कहा कि सदर क्षेत्र पहले कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन था, जिसे वर्ष 1977 में अलग कर नगर पालिका क्षेत्र बनाया गया था। इसके बाद भूमि स्वामित्व और संपत्ति अधिकारों से जुड़े कई जटिल मुद्दे पैदा हुए। उन्होंने बताया कि वर्षों से लोग रजिस्ट्री, बैंक लोन, नक्शा पास कराने और संपत्ति के विभाजन जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि तैयार की गई नई पॉलिसी में स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठक में जब यह प्रस्ताव लाया गया तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए इसे स्थगित कराने की मांग की। विज के अनुसार यदि यह पॉलिसी उसी रूप में पारित हो जाती तो अंबाला छावनी के हजारों लोगों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता।
उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित नीति के तहत लोगों को अपनी जमीन के वर्तमान कलेक्टर रेट के आधार पर बड़ी राशि जमा करानी होगी। इसके अलावा मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्धारित समय में भुगतान न करने पर संपत्ति सील किए जाने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। विज ने कहा कि कई परिवारों के पास पीढ़ियों पुरानी संपत्तियों के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह नीति आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी कर सकती है।
बैठक में अनिल विज ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों के सामने तीन संभावित विकल्प भी रखे। पहला, सरकार के साथ चर्चा कर नीति की खामियों को दूर कराया जाए। दूसरा, आवश्यकता पड़ने पर इस नीति को अदालत में चुनौती दी जाए। तीसरा, यदि जनहित की अनदेखी होती है तो लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। विज ने कहा, “अगर जनता को अपने जायज अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा तो मैं सरकार के साथ नहीं, बल्कि जनता के साथ खड़ा रहूंगा।”
ऊर्जा मंत्री ने अंबाला छावनी के निवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल सदर क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे अंबाला छावनी का मुद्दा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बातचीत और प्रयासों के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे लोगों के हित सुरक्षित रह सकें और फ्री होल्ड का उद्देश्य भी पूरा हो।