Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक संघ का ‘न्यू कॉम्प्लेक्स व्यवस्था’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। शिमला में प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन आज 18वें दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलन की शुरुआत जहां पुरुष शिक्षकों ने की थी, वहीं अब महिला शिक्षक भी मोर्चे पर डटकर अनशन पर बैठ गई हैं। कल से प्रदेश भर के स्कूल छुट्टियां के बाद खुल रहे हैं, लेकिन शिक्षकों का यह आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते 5 अगस्त को इस पूरे मामले पर बुलाई गई समीक्षा बैठक भी बेनतीजा रही थी।
प्राथमिक विद्यालयों को क्लस्टर या कॉम्प्लेक्स सिस्टम के दायरे में लाने को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है। हालांकि, संघ का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री से अब भी पूरी उम्मीद है, लेकिन यदि विवादित फैसले को वापस नहीं लिया गया तो यह क्रमिक अनशन जारी रहेगा और जल्द ही आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। संघ के अनुसार, 15 दिनों की कठिन पैदल यात्रा करके शिक्षक शिमला पहुंचे थे और 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में विशाल प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा धरना स्थल पर आकर दिए गए आश्वासनों के बावजूद, शिक्षा विभाग मामलों को सुलझाने के बजाय लगातार भटकाने का प्रयास कर रहा है।हालांकि मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए 5 सितंबर तक का समय मांगा था, लेकिन प्राथमिक शिक्षकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, मिड-डे मील व मल्टी-टास्क वर्करों समेत जेबीटी अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही सरकार ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ को वापस लेने का बड़ा ऐलान करेगी।विभाग द्वारा दिए जा रहे ‘युक्तीकरण’ के तर्कों को सिरे से खारिज करते हुए संघ ने कहा कि प्रदेश में जेबीटी के 5,000 से अधिक पद खाली हैं और 3,000 से ज्यादा स्कूल केवल एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। जब राज्य में कहीं शिक्षक सरप्लस हैं ही नहीं, तो युक्तीकरण की आड़ लेकर मुख्य मांगों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
प्रशासनिक लेटलतीफी पर सवाल उठाते हुए संघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति की फाइलें अटकी पड़ी हैं। वहीं हेड टीचर (HT) और सेंटर हेड टीचर (CHT) की पदोन्नति प्रक्रिया को उलझाने के लिए फाइलों को निदेशालय से सचिवालय के बीच केवल घुमाया जा रहा है। इतना ही नहीं, 5 अगस्त को हुई वार्ता बैठक की रिपोर्ट सौंपने में भी जानबूझकर देरी की जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार इस विवादित कॉम्प्लेक्स सिस्टम को तुरंत प्रभाव से रद्द करे, लंबित पड़ी बैचवाइज भर्तियों को आगे बढ़ाए और कमीशन के माध्यम से निकाली गई 1,762 पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए। हमने छुट्टियों के दौरान अनशन इसलिए किया था ताकि बच्चों की पढ़ाई का किसी भी तरह से नुकसान न हो। लेकिन यदि सरकार ने हमारी समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं किया, तो जनरल हाउस में लिए गए फैसले के अनुसार यह क्रमिक अनशन वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों तक भी जारी रह सकता है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।