समर न्यूज। चंडीगढ़
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने सोशल मीडिया खातों का बायो बदलकर खुद को ‘पूर्व पीपीसीसी अध्यक्ष’ बताया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस हाईकमान की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किए जाने की खबरें सामने आई हैं। वड़िंग को पार्टी नेतृत्व की ओर से इस फैसले की जानकारी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना से सांसद चुने गए। करीब चार महीने से प्रदेश कांग्रेस में उनके नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद की खबरें सामने आ रही थीं। जून-जुलाई में पार्टी पर्यवेक्षकों ने प्रदेश संगठन को लेकर नेताओं से चर्चा की थी। इसके बाद वड़िंग को पद पर बनाए रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, इससे संगठन के भीतर चल रही खींचतान पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल: पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट ने प्रदेश के नेताओं और जिला स्तर के पदाधिकारियों से व्यापक बातचीत के बाद संगठन को लेकर रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट में सामने आए सुझावों पर कांग्रेस नेतृत्व ने चर्चा की। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि कांग्रेस की ओर से नए अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
नए अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में
पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, विधायक परगट सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नामों की भी चर्चा चल रही है।
2027 चुनाव से पहले संगठन में बदलाव
पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच प्रदेश कांग्रेस का नया नेतृत्व संगठन को चुनावी तैयारियों की दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए अध्यक्ष की घोषणा को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में भी उत्सुकता बनी हुई है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से औपचारिक निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश संगठन की कमान किसे सौंपी जाती है। इससे कांग्रेस में गुटबाजी पर लगाम लगन की उम्मीद की जा रही है।