चंडीगढ़ | पंजाब के सरकारी अस्पताल डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स के लिए खतरे का जोन बनते जा रहे हैं। बीते 18 महीनों में मरीजों के तीमारदारों द्वारा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर करीब 70 हमले किए गए हैं। अकेले 2024 में अब तक 60 से अधिक बार डॉक्टर्स पर हमला या अस्पतालों में तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। मौजूदा वर्ष के पिछले तीन महीनों में ही 10 से अधिक बार डॉक्टरों की जान पर बन आई।
24/7 सिक्योरिटी की मांग अधूरी
डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन पिछले कई महीनों से सरकार से 24 घंटे सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की मांग कर रही है। हालांकि, पंजाब सरकार ने अगस्त 2023 में आश्वासन जरूर दिया था, लेकिन साल भर बाद भी ना तो गार्ड तैनात हुए, ना ही प्रस्ताव आगे बढ़ सका। वित्त विभाग की आपत्ति के चलते सुरक्षा गार्ड की तैनाती से जुड़ा प्रस्ताव कागज़ों में ही अटक गया।
सरकार की त्वरित कार्रवाई, पर मांगें अब भी अधूरी
हालांकि, हाल के मामलों में पंजाब सरकार की ओर से तेजी दिखाई गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर कठोर धाराओं में FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की। एसोसिएशन ने माना कि पहले के मुकाबले अब सरकार ज्यादा सक्रिय हुई है, जिससे समाज में यह संदेश गया कि डॉक्टरों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।