नई दिल्ली | देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अब इसका असर उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में तेजी से देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है, वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी मंडरा रहा है।
उत्तर भारत में अलर्ट:
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और चंडीगढ़ में तेज बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। खासकर उत्तराखंड में 1 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी और मध्य भारत भी प्रभावित:
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में लगातार बारिश का दौर जारी रहने वाला है। बिहार में 26 से 30 जुलाई तक पूरे राज्य में भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गुजरात और पूर्वी राजस्थान में भी अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण भारत में हालात गंभीर:
केरल में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कोट्टायम, त्रिशूर, मलप्पुरम सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है और कुछ बांधों के गेट भी खोल दिए गए हैं। कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और यनम में भी तेज बारिश की संभावना है।
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भी असर:
गंगीय पश्चिम बंगाल, सब-हिमालयी क्षेत्रों, सिक्किम और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी 26 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी गई है।
IMD की सलाह:
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है। साथ ही नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें, बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और कमजोर ढांचों में रहने से बचें। प्रशासन को भी सतर्कता बढ़ाने और आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।