रोहतक | “मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती”—यह कहावत रोहतक के गांव बालंद के यांशू बड़क ने सच कर दिखाई है। कठिन मेहनत और आत्मविश्वास की बदौलत यांशू का चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। इस उपलब्धि पर न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
आलोचना बनी प्रेरणा
यांशू ने 2021 में एमडी यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने एनसीसी (NCC) जॉइन करने का फैसला किया। हालांकि एक एनसीसी टीचर ने उनके आत्मविश्वास को कमतर आंकते हुए कहा था, “क्या तुम इसे पूरा कर भी पाओगे? घर जाओ, तुम्हारे बस की बात नहीं है।”
लेकिन यहीं से यांशू की कहानी ने नया मोड़ लिया। उन्होंने इस टिप्पणी को चुनौती के रूप में लिया और ठान लिया कि वह न केवल एनसीसी पूरी करेंगे, बल्कि कुछ बड़ा हासिल करके दिखाएंगे।
सीनियर अंडर ऑफिसर से फ्लाइंग ऑफिसर तक का सफर
एनसीसी में उन्होंने खुद को साबित करते हुए सीनियर अंडर ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाई। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के दम पर उन्होंने एयर फोर्स में अपनी जगह पक्की की।
परिवार और गांव में जश्न
यांशू की इस सफलता पर परिवार गर्व महसूस कर रहा है। उनकी कहानी आज उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संघर्ष के रास्ते पर चल रहे हैं। यांशू ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।