त्रिनिदाद | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया है। 4 जुलाई को पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में यह सम्मान राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ने उन्हें प्रदान किया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद एवं टोबैगो के इतिहास में ऐसे पहले विदेशी नेता बन गए हैं जिन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत और त्रिनिदाद के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने, ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की आवाज़ बुलंद करने और वैश्विक मंचों पर नेतृत्व के लिए दिया गया है। समारोह में राष्ट्रपति कंगालू ने उनके कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए मानवीय सहयोग को भी सराहा, जब भारत ने त्रिनिदाद को 40,000 वैक्सीन खुराक भेजी थीं।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि भारत-त्रिनिदाद संबंधों की गहराई और साझी विरासत का प्रतीक है। उन्होंने दोनों देशों के 180 वर्षों पुराने संबंधों की याद दिलाई और कहा कि त्रिनिदाद में बसे भारतीय समुदाय ने भारत की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और राष्ट्रपति कंगालू को भारतीय विरासत का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि त्रिनिदाद कैरिकॉम (कैरेबियाई समुदाय) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और भारत इस संगठन के साथ अपने सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है।
त्रिनिदाद की ऐतिहासिक यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब अर्जेंटीना के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वे राष्ट्रपति जेवियर माइली से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा का तीसरा चरण है।
प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें फ्रांस का ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’, यूएई का ‘ज़ायेद मेडल’, रूस का ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू’, और घाना का ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ प्रमुख हैं। अब तक उन्हें 25 देशों द्वारा सर्वोच्च या विशिष्ट नागरिक सम्मान मिल चुके हैं, जो वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रमाण हैं।