बीबीएमबी प्रशासन द्वारा ब्यास नदी में टरबाइनों के माध्यम से पानी छोड़े जाने के बाद मंड क्षेत्र में सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ब्यास नदी और आसपास की खड्डों के समीप निवास कर रहे लोगों को नदी और खड्डों के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।
पौंग बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ा
एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने बताया कि बीते दो दिनों में पौंग झील के जलस्तर में 8 फुट की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार सुबह जहां जलस्तर 1330.57 फुट था, वहीं बुधवार सुबह यह बढ़कर 1338.60 फुट तक पहुंच गया है।जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण पंडोह डैम से छोड़ा गया पानी और क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश है, जिससे देहर, बूहल और देहरी खड्डों में भी जलस्तर बहुत अधिक हो गया है।पौंग झील की अधिकतम संग्रहण क्षमता 1410 फुट है, जबकि 1390 फुट को खतरे का निशान घोषित किया गया है। 1360 फुट का आंकड़ा पार होने पर झील के मुख्य गेट खोल दिए जाते हैं।
बीबीएमबी प्रशासन ने पौंग बांध से पानी छोड़े जाने से पहले रे, स्थाना, रियाली और संसारपुर टैरस में हूटर सिस्टम (वार्निंग अलार्म) स्थापित किए हैं। पानी छोड़ने से पहले ये हूटर बजने लगेंगे ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।
एसडीएम ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन फिर भी लोगों से हर समय सतर्क रहने की अपील की जाती है।