चंडीगढ़ | डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने 2017 के बहुचर्चित दोहरे दुष्कर्म मामले में अपनी 20 साल की सजा को निलंबित करने के लिए दायर याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से औपचारिक रूप से वापस ले लिया है।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष डेरा प्रमुख के वकीलों ने सूचित किया कि वे याचिका को वापस लेना चाहते हैं। कोर्ट ने इसे याचिकाकर्ता की इच्छा मानते हुए खारिज कर दिया और भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की स्वतंत्रता बरकरार रखी।
यह याचिका लगभग दो वर्षों से लंबित थी और पिछली सुनवाई में अदालत ने इस देरी पर नाराजगी जताई थी। अब जब राम रहीम ने याचिका वापस ले ली है, कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर मुख्य आपराधिक अपील पर सुनवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 25 अगस्त 2017 को गुरमीत राम रहीम को दो महिला अनुयायियों के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराया था और 20 साल की सजा सुनाई थी।