25 July, 2025
हिमाचल प्रदेश में जॉब ट्रेनी योजना को लेकर सियासी घमासान जारी है। शुक्रवार को कांग्रेस के तीन प्रमुख नेताओं – उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान और विधायक सुरेश कुमार – ने संयुक्त प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़का रही है और आपदा राहत जैसे गंभीर मुद्दों पर भी राजनीति कर रही है।
विधायक सुरेश कुमार का बयान
उन्होंने कहा कि विपक्ष युवाओं के भविष्य के साथ खेल रहा है। जॉब ट्रेनी योजना को लेकर झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जबकि योजना का उद्देश्य सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और एकरूप बनाना है। पहले भर्ती प्रक्रिया में अनुबंध, डेली वेज और अन्य अस्थायी तरीकों से भर्ती होती थी, लेकिन अब एक यूनिफॉर्म पॉलिसी लाई गई है। सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को दो साल की ट्रेनिंग के बाद नियमित किया जाएगा, न कि दोबारा कोई परीक्षा ली जाएगी।
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया का बयान
उन्होंने कहा कि राज्य में आई आपदा से भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने तुरंत राहत कार्यों की निगरानी की और केंद्र सरकार से राहत पैकेज की मांग की। भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब 2023 में विधानसभा में राहत पैकेज का प्रस्ताव आया, तो विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से अभी तक उचित समय पर सहायता नहीं मिली है, जबकि राज्य को अब तक 1200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का बयान
नरेश चौहान ने भाजपा पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि जब जयराम सरकार सत्ता से गई, तो राज्य का खजाना खाली था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार व्यवस्था परिवर्तन के लिए गंभीरता से काम कर रही है। खासतौर पर कड़छम वांगतू पावर प्रोजेक्ट से मुफ्त बिजली के मामले में हिमाचल सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई और जीत दर्ज की। अब प्रदेश को इस परियोजना से 18% मुफ्त बिजली मिलेगी, जो राज्य हित में बड़ा कदम है।