Kullu, Manminder
बिजली महादेव रोपवे परियोजना के खिलाफ आज कुल्लू में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रामशिला से ढालपुर तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी रोष रैली में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं, युवा, सामाजिक संगठन और व्यापारी शामिल हुए। व्यापार मंडल के आह्वान पर कुल्लू बाजार भी पूरी तरह बंद रहा।
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर केंद्र और राज्य सरकार से इस परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने रोपवे निर्माण को देव संस्कृति और परंपराओं पर सीधा हमला बताया। मंच से वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब देववाणी में रोपवे को अस्वीकार किया गया है, तो इसे थोपना देवता और श्रद्धालुओं के साथ अन्याय होगा।
बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के अध्यक्ष सुरेश नेगी ने कहा, “बिजली महादेव कोई आम पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत देवस्थान है, जहां विशेष अवसरों पर देव कार्य होते हैं। ऐसे में रोपवे से इस धार्मिक मर्यादा का पालन कैसे होगा?” उन्होंने चेताया कि यदि देव आज्ञा की अवहेलना की गई तो क्षेत्र को दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।वहीं, रैली में शामिल महिलाओं ने भी आस्था की रक्षा के लिए प्रखर आवाज उठाई। शांता ने कहा, “बिजली महादेव हमारे आराध्य हैं। सरकार को उनकी वाणी का सम्मान करना चाहिए, न कि पेड़ों की कटाई कर परियोजना थोपनी चाहिए।
जहां एक ओर सरकार इस प्रोजेक्ट को पर्यटन को बढ़ावा देने वाला मान रही है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न केवल देव आदेश की अवहेलना है, बल्कि पर्यावरण और परंपरा पर भी गहरा आघात है।