चंडीगढ़ | पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टैगोर थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वन विभाग में चयनित 942 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने नए कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने की सलाह दी।
सीएम मान ने मंच से कहा, “आज आप सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि पेड़ों और प्रकृति के रक्षक बनकर नियुक्त हो रहे हैं। पर्यावरण के बिगड़ते हालात के बीच आप जैसे लोगों की भूमिका और भी अहम हो गई है।”
‘प्रकृति से छेड़छाड़ खतरनाक, पूरी दुनिया अलर्ट पर’
मुख्यमंत्री ने हाल ही में रूस में आए भूकंप और उसके बाद दुनियाभर में जारी अलर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ अब वैश्विक संकट बनती जा रही है। “न्यूजीलैंड से कैलिफोर्निया तक सुनामी की चेतावनी जारी है, लोग घर छोड़ रहे हैं। ये सब चेतावनी है कि हमें अब प्रकृति के साथ नहीं, उसके मुताबिक चलना होगा,” उन्होंने कहा।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री मान ने कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने केवल सत्ता का सुख भोगा, लेकिन हमने जनता को प्राथमिकता दी है। हमारी सरकार युवाओं को लगातार रोजगार दे रही है।”
पंजाब की ताकत और राजनीति की कमजोरी
सीएम ने कहा कि पंजाब को भगवान ने हर प्राकृतिक संसाधन से नवाजा है—चाहे वो उपजाऊ ज़मीन हो, पहाड़ हों या भाखड़ा जैसे जल स्रोत। लेकिन दुख इस बात का है कि इसे सबसे ज्यादा लूटने वाले नेता भी यहीं मिले। “अब वक़्त है कि ईमानदारी और मेहनत के जरिए पंजाब को उसका खोया गौरव लौटाया जाए,” उन्होंने कहा।
नवनियुक्तों को संदेश
मुख्यमंत्री ने नए कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, “आपका कर्तव्य सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य की रक्षा करना है। मेहनत करें, ईमानदारी से काम करें और मिसाल बनें।”