नई दिल्ली | रूस के कामचटका प्रायद्वीप और कुरिल द्वीपों में बुधवार को आए रिकॉर्ड 8.8 तीव्रता के भूकंप ने पूरी दुनिया को हिला दिया। यह भूकंप दुनिया के अब तक के छह सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हो गया है। इसके अगले ही दिन गुरुवार को कुरिल द्वीप समूह में 6.5 तीव्रता का नया झटका आया, जिससे लोगों में और दहशत फैल गई।
तेज झटकों के बाद आया ज्वालामुखी विस्फोट
भूकंप के कुछ घंटों बाद, कामचटका का क्लूचेवस्काया सोपका ज्वालामुखी फट पड़ा, जिससे आसमान में लगभग 3 किलोमीटर तक राख का गुबार छा गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस ज्वालामुखी में पिछले कुछ दिनों से हलचल दर्ज की जा रही थी।
125 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स, दुनिया भर में सुनामी अलर्ट
USGS के अनुसार, भूकंप के बाद 16 घंटों में 125 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स आए, जिनमें से तीन की तीव्रता 6.0 से ऊपर थी। बुधवार को दोपहर करीब 11 बजे 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी महसूस किया गया।
इस भूकंप के चलते रूस, जापान, अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में सुनामी अलर्ट जारी किए गए। रूस के तटों पर 4 मीटर और अमेरिका में 1 मीटर तक ऊंची लहरें दर्ज की गईं। जापान के तटीय इलाकों में व्हेलें बहकर आ गईं, जो इस आपदा की भयावहता को दर्शाता है।
अस्पतालों में हिली दीवारें, लेकिन नहीं रुकी सर्जरी
रूस के कई अस्पतालों में भूकंप के दौरान ऑपरेशन थिएटर हिलने लगे, लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और सर्जरी जारी रखी।
अब भी बनी हुई है खतरे की आशंका
भले ही अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आफ्टरशॉक्स और ज्वालामुखी विस्फोट और गंभीर रूप ले सकते हैं।
रूस में यह प्राकृतिक आपदा एक साथ कई रूपों में कहर बनकर टूटी है – धरती हिली, समुद्र उठा और ज्वालामुखी जाग उठा।