जालंधर | पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स) में एमबीबीएस इंटर्न्स को तय स्टाइपेंड से आधी राशि दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पंजाब यूथ कांग्रेस के सचिव अंगद दत्ता ने इसे लेकर सरकार से कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है।
दत्ता ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित ₹22,000 मासिक स्टाइपेंड के बावजूद पिम्स प्रशासन इंटर्न को केवल ₹11,000 ही दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ DRME के स्पष्ट आदेशों, बल्कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भी अवहेलना है।
यूथ कांग्रेस नेता ने बताया कि पंजाब के अन्य मेडिकल कॉलेज जैसे लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहले ही ₹22,000 स्टाइपेंड लागू कर चुके हैं, लेकिन पिम्स में इंटर्न्स को अभी तक उनके हक से वंचित रखा जा रहा है।
“भावी डॉक्टरों को उनका हक न देना सिर्फ वित्तीय अन्याय नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान पर भी चोट है,” दत्ता ने कहा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।