14 August, 2025
भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1972 म्यूनिख ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता डॉ. वेस पेस का गुरुवार सुबह 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हॉकी इंडिया ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए उन्हें “भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग का करिश्माई मिडफील्डर” बताया।
डॉ. पेस ने 1972 में नीदरलैंड को 2-1 से हराकर भारत को फील्ड हॉकी में एकमात्र ओलंपिक पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वे 1971 बार्सिलोना हॉकी विश्व कप में तीसरे स्थान पर रही भारतीय टीम का भी हिस्सा थे।खेल और शिक्षा दोनों में उत्कृष्ट, डॉ. पेस खेल चिकित्सा के डॉक्टर थे और कलकत्ता क्रिकेट एवं फुटबॉल क्लब के अध्यक्ष रह चुके थे। हॉकी के अलावा, उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल और रग्बी में भी अपना कौशल दिखाया तथा 1996 से 2002 तक भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष रहे।उनके बेटे और टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस ने 1996 अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल का कांस्य पदक जीतकर अपने पिता की उपलब्धियों को आगे बढ़ाया।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, “डॉ. पेस का म्यूनिख में जीता गया ओलंपिक पदक उनके धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। वे खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रबल समर्थक थे।” महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी उनकी खेल और खेल विज्ञान में योगदान को सदैव याद रखने की बात कही।