चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मानेसर जमीन घोटाला मामले में पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सी.बी.आई. को नोटिस जारी किया है। हुड्डा ने पंचकूला स्थित विशेष सी.बी.आई. अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में 19 सितंबर को विशेष सी.बी.आई. जज पंचकूला द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। उस आदेश में अदालत ने हुड्डा की अर्जी खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने कार्रवाई स्थगित करने की मांग की थी।
हुड्डा की याचिका के अनुसार, ट्रायल कोर्ट का आरोप तय करने का निर्णय कानूनन गलत है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सह-आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई है। ऐसे में अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करना मुकदमे को अलग-अलग हिस्सों में बांटने जैसा होगा, जो कानूनन मान्य नहीं है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि आरोप पत्र में सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप इतने जुड़े हुए हैं कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। हुड्डा के वकील ने तर्क दिया कि विशेष अदालत ने केवल इस आधार पर अर्जी खारिज की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहत केवल उन्हीं आरोपियों के लिए दी गई थी जिन्होंने विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। अदालत का यह तर्क गलत है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई राहत केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं होती।
सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने सी.बी.आई. को 16 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को विशेष सी.बी.आई. अदालत में होगी।