हिसार। हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इनेलो नेता कर्ण चौटाला द्वारा दिए एक इंटरव्यू ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। कर्ण चौटाला ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि 1990 के महम कांड से जुड़ी एफआईआर में डॉ. अजय सिंह चौटाला का नाम शामिल था।
इस बयान पर जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। जजपा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने कर्ण चौटाला को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कर्ण चौटाला से 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधित वीडियो क्लिप को सभी इंटरनेट प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की गई है।
जजपा का कहना है कि कर्ण चौटाला ने तथ्यों से परे बयान देकर झूठ फैलाया है। पार्टी ने कहा कि महम कांड से जुड़ी एफआईआर (नंबर 76, दिनांक 1 मार्च 1990, धारा 302, 307, 148, 149 आईपीसी, थाना महम) में शिकायतकर्ता धर्मपाल निवासी मदीना, जिला रोहतक ने केवल अभय सिंह चौटाला को नामजद किया था, न कि अजय सिंह चौटाला को।
जजपा ने इसे राजनीतिक उद्देश्य से की गई गलत बयानबाजी बताते हुए कहा है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।