9 November, 2025
भारत की महिला विश्व कप विजेता टीम की सदस्य शेफाली वर्मा ने रविवार को कहा कि पिछले एक वर्ष में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपने खेल में सुधार किया तथा टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
21 वर्षीय शेफाली को चोटिल प्रतिका रावल की जगह टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 87 रन की शानदार पारी खेलने के साथ-साथ 36 रन देकर दो विकेट भी हासिल किए और “प्लेयर ऑफ द मैच” चुनी गईं।
सम्मान समारोह के बाद शेफाली ने कहा,
“पिछला एक साल मेरे लिए बहुत कठिन रहा। मैंने कई संघर्ष झेले लेकिन हार नहीं मानी। मैं लगातार मेहनत करती रही और भगवान ने मेरी मेहनत का फल दिया।”
“विश्व कप जीत में योगदान देने का था संकल्प”
शेफाली को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से ठीक पहले टीम में शामिल किया गया था। हालांकि वह उस मैच में खास प्रदर्शन नहीं कर सकीं, लेकिन फाइनल में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया।
उन्होंने कहा,
“सेमीफाइनल से पहले जब टीम में शामिल हुई, तभी ठान लिया था कि मैं विश्व कप जीत में योगदान दूंगी। फाइनल बड़ा मंच था, थोड़ी घबराहट भी थी, लेकिन मैंने खुद को शांत रखा और अपनी रणनीति पर ध्यान दिया। इसी ने मुझे ऑलराउंड प्रदर्शन करने में मदद की।”
अपने गृहनगर रोहतक पहुंचने पर हुए भव्य स्वागत के दौरान शेफाली ने लड़कियों से आत्मविश्वास और मेहनत पर भरोसा रखने की अपील की।“लड़कियों को चाहिए कि वे चाहे किसी भी क्षेत्र में हों, हमेशा मेहनत करें और खुद पर विश्वास रखें — नतीजे जरूर मिलेंगे।”
परिवार और प्रेरणा
महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाली शेफाली ने कहा कि उनके परिवार का समर्थन उनकी सफलता की असली ताकत रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें शतक से चूकने का कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि टीम को विश्व कप जिताना उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य था।शेफाली ने यह भी बताया कि टीम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात प्रेरणादायक रही।“प्रधानमंत्री ने हमारे साथ लगभग दो घंटे बिताए और हमारा उत्साह बढ़ाया,” उन्होंने कहा।अब शेफाली 12 नवंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने को लेकर उत्साहित हैं।