Shimla, 12 November
हिमाचल प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी बलबीर सिंह ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने 5 से 9 तारीख तक चेन्नई में आयोजित एशियन मास्टर्स गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ उन्होंने असाधारण सहनशक्ति, समर्पण और सच्ची खेल भावना का प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया के 30 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता अत्यंत चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक बन गई।
महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए, बलबीर सिंह ने तीन पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया — 5000 मीटर में रजत पदक (18:57 सेकंड), 10,000 मीटर में कांस्य पदक (38:24 सेकंड) और 1500 मीटर में एक और कांस्य पदक (5:01 सेकंड)। अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने 2026 में दक्षिण कोरिया में आयोजित होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया है।एशियन मास्टर्स गेम्स में उनकी सफलता राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन की निरंतरता है। इस वर्ष फरवरी में आयोजित ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स मीट में उन्होंने 1500 मीटर में कांस्य पदक जीता था। अपनी जीत की लय को जारी रखते हुए, उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित मास्टर एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया चैम्पियनशिप में 5000 मीटर में स्वर्ण पदक और 1500 मीटर में रजत पदक जीता।
इसके अतिरिक्त, धर्मशाला में आयोजित नेशनल मास्टर्स गेम्स ऑफ इंडिया में भी बलबीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया और 10 किलोमीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, 5000 मीटर में एक और स्वर्ण पदक तथा 1500 मीटर में कांस्य पदक जीता। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उनकी निरंतर सफलताएँ उनके असाधारण शारीरिक सामर्थ्य, मानसिक दृढ़ता और अटूट अनुशासन का प्रमाण हैं।
वर्तमान में, बलबीर सिंह हिमाचल प्रदेश के युवा सेवाएँ एवं खेल विभाग में एथलेटिक कोच के रूप में कार्यरत हैं। वे अपने मार्गदर्शन में 20 से अधिक उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। वे न केवल उन्हें कोचिंग देते हैं, बल्कि स्वयं उनके साथ अभ्यास भी करते हैं, जिससे वे अनुशासन और समर्पण के सच्चे प्रेरणास्रोत बन गए हैं। वे लगातार छात्रों को नशे से दूर रहने और अपने जीवन में किसी न किसी रूप में खेल गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।