चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने अपने कैशलेस स्वास्थ्य योजना का दायरा और बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले व्यक्तियों के परिवारों को भी बिना किसी भुगतान के अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस संबंध में हरियाणा सरकार ने केंद्र के अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया है।
सरकार की योजना में भारतीय राष्ट्रीय सेना के सैनिकों, द्वितीय विश्व युद्ध के बंदियों और हिंदी आंदोलन में योगदान देने वाले परिवारों को भी पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज देने का प्रस्ताव शामिल है।
हरियाणा सरकार की इस पहल से पहले ही राज्य में कैशलेस इलाज की सुविधा कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को दी जा रही थी। पूर्व मनोहर सरकार के दौरान शुरू हुई इस योजना के अंतर्गत राज्य के करीब 3.5 लाख नियमित कर्मचारी, 3 लाख पेंशनभोगी और उनके 20 लाख आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों से कैशलेस उपचार का लाभ ले रहे हैं।
वर्तमान में हरियाणा में इस योजना के लिए कुल 569 मान्यता प्राप्त अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही पत्रकारों को भी कर्मचारियों की तरह कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन कई सालों बाद भी अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
इस मामले में राज्य के पत्रकार संगठन लगातार सरकार से आग्रह कर चुके हैं। हाल ही में आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, नई दिल्ली के निदेशक को पत्र लिखकर योजना में उपरोक्त श्रेणियों को शामिल करने और सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद ही सरकारी अधिसूचना जारी की जाएगी और कैशलेस इलाज सुविधा का लाभ नए श्रेणी के लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
इस फैसले से हरियाणा में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा व्यापक होगा और कई ऐसी श्रेणियों के लोगों को आर्थिक बोझ के बिना स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी।