Hamirpur, Arvind
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. पुष्पेन्द्र वर्मा ने हमीरपुर सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा सदर विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कुछ नेता अब राजनीतिक मंच न मिलने के कारण सामाजिक संस्थाओं के नाम पर राजनीति कर रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
डा. वर्मा ने आरोप लगाया कि सामाजिक संस्था के मंच से मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए अपेक्षित दौरे नहीं किए, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेशभर में जाकर राहत और विकास के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने मंडी में 83 करोड़ रुपये की राहत राशि बांटकर जनहित में कदम उठाया है।कांग्रेसी नेता ने कहा कि भाजपा के कुछ नेता मुख्यमंत्री के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि उन्हीं नेताओं के परिवार के सदस्य आज कानूनी परेशानियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को ऐसे घटिया स्तर की राजनीति छोड़कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
डा. वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रोकी गई जीएसटी की हजारों करोड़ की राशि यदि हिमाचल को मिल जाए, तो प्रदेश सरकार महिलाओं को वादा किए अनुसार पंद्रह-पंद्रह सौ रुपये दे सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले केंद्र से ये बकाया राशि दिलवाने का प्रयास करना चाहिए।
चयन आयोग को लेकर दिए गए सदर विधायक के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में चयन आयोग “चोरी का अड्डा” बन गया था, जहां पेपर बेचे जाते थे। वर्तमान सुक्खू सरकार ने आयोग को पुनर्गठित कर पारदर्शिता स्थापित की है और अब योग्य युवाओं को 58 वर्ष की नियमित नौकरी मिल रही है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं को “अग्निवीर” नहीं बल्कि “मित्र” बनाकर स्थायी रोजगार दे रही है। डॉ. वर्मा ने कहा कि भाजपा के नेता झूठे प्रचार से बाज आएं और प्रदेश के विकास में सहयोग करें।