Shimla, 3 December-:जिला शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने मंगलवार को कुमारसैन उपमंडल के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व दक्षता लाने के निर्देश दिए।कुमारसैन में पटवारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि जिला शिमला गुड गवर्नेंस इंडेक्स में सबसे निचले स्थान पर है, ऐसे में सभी विभागों को जिम्मेदारी समझते हुए तत्परता से कार्य करना होगा। उन्होंने पटवारियों को अपने पटवार सर्कल में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा।
उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार नशे के उन्मूलन के लिए ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान पर गंभीरता से काम कर रही है। इस दिशा में पटवारी फील्ड में सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तहसीलदार और एसडीएम के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं।उन्होंने 21 पटवार सर्कलों के कार्यालयों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए और तीन दिनों में प्रगति रिपोर्ट मांगी। निरीक्षण के दौरान कुमारसैन पटवार सर्कल के 12 रजिस्टरों की जांच की गई, जिनमें वर्षों से कोई प्रविष्टि नहीं पाई गई। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि रजिस्टरों में अद्यतन रिकॉर्ड के बिना कार्य करना गलत है और सभी आवश्यक प्रविष्टियाँ समय पर सुनिश्चित की जाएं।इसके बाद उपायुक्त ने ग्रामीण राजस्व कार्यालय का निरीक्षण किया तथा रिकॉर्ड रख-रखाव में और सुधार लाने के निर्देश दिए।
दोपहर बाद उपायुक्त अनुपम कश्यप राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक पाठशाला मतियाना पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई से संबंधित फीडबैक लिया और उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नशे की लत बच्चों और युवाओं को गंभीर जोखिम में डाल रही है, इसलिए स्कूलों और शिक्षकों को भी सतर्क रहना चाहिए। विद्यार्थियों को नशा-निरोधक संकल्प भी दिलाया गया। स्कूल स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर की जांच में सभी रिकॉर्ड सही मिले।अंत में, उपायुक्त ने नारकंडा पुलिस चौकी का निरीक्षण किया, जहाँ भवन के पीछे का डंगा गिरने से सुरक्षा जोखिम पाया गया। इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की बात कही गई।