Shimla, Sanju-:शिमला जिले में राजस्व कार्यों को तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त अनुपम कश्यप ने ठियोग उपमंडल में राजस्व विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक उपमंडल में पटवारियों और फील्ड कर्मचारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि जनहित से जुड़े राजस्व मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि भूमिहीन व्यक्तियों के आवेदन पटवारियों तक नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि कई आवेदन सीधे उपायुक्त कार्यालय में प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि पटवारी यह सुनिश्चित करें कि योग्य लोगों के आवेदन उनके स्तर पर समय पर दर्ज हों। बैठक में जब सरकारी विभागों के नाम दर्ज भूमि के बारे में जानकारी मांगी गई तो अधिकांश पटवारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसी भूमि जिन्हें विभाग उपयोग में नहीं ला रहे, उन्हें चिन्हित कर भूमिहीन लोगों को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए।
98% ने नहीं किया आपदा राहत निरीक्षण
विशेष आपदा राहत पैकेज–2023 के तहत ठियोग में बन रहे घरों के निरीक्षण को लेकर उन्होंने सख्ती दिखाई। सामने आया कि 98 प्रतिशत पटवारियों ने अब तक फील्ड निरीक्षण नहीं किया है और केवल दो पटवारियों ने ही रोज़ नामचा में इसका रिकॉर्ड दर्ज किया है। उपायुक्त ने सभी पटवारियों को दो सप्ताह के भीतर निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। धारा-118 के तहत हुए म्यूटेशन मामलों और भूमिहीन लोगों का रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए।उपायुक्त ने पटवारियों को ततीमा की एंट्री समय पर दर्ज करने, स्कूलों में मिड-डे मील और शौचालयों का औचक निरीक्षण करने तथा वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम ठियोग डॉ. शशांक गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।