मांगें न मानी तो CM दफ्तर के बाहर आत्मदाह की चेतावनी
Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश सचिवालय के बाहर बुधवार को ब्लाइंड पर्सन एसोसिएशन का आंदोलन उस समय तनावपूर्ण हो गया जब संगठन के सदस्यों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठकर ट्रैफिक रोकने के प्रयास को पुलिस ने विफल कर दिया, जिसके चलते धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति बन गई।
चक्का जाम के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों की डीएसपी अमित ठाकुर से भी कहासुनी हुई। इसी बीच डीएसपी के कुछ कथित बयान भी सामने आए हैं, जिनको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, एसडीएम ओशिन शर्मा का भी एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह प्रदर्शनकारियों से ‘उन्हें बुद्धु न समझने’ की बात करती दिख रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी शांतिपूर्ण मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके साथ प्रशासन का व्यवहार संवेदनशील नहीं है।
आरोप यह भी लगे कि प्रदर्शन में कुछ लोग कथित तौर पर धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने आंदोलन को लेकर चिंता जताई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिव्यांगजनों के साथ हुई इस कथित तकरार ने प्रशासन की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है।ब्लाइंड पर्सन एसोसिएशन के सदस्य राजेश ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो साल और 40 दिनों से आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को इस मामले पर अदालत में सुनवाई है और यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तो वह मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।राजेश ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि बार-बार वार्ता के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है, इसलिए अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।