Nurpur, Sanjeev-नूरपुर और इंदौरा क्षेत्र में लंबे समय से फैले अवैध खनन नेटवर्क पर अब निर्णायक प्रहार होने जा रहा है। पुलिस जिला नूरपुर के एसपी कुलभूषण वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि खनन माफिया के खिलाफ “ऐसी कार्रवाई होने वाली है, जिसकी कल्पना भी उन्होंने कभी नहीं की होगी।” उनके अनुसार अब तक जो खेल चलता रहा, वह अब समाप्त होने वाला है।
एसपी वर्मा ने बताया कि पंजाब की सीमा से लगे इलाकों में लंबे समय से बिना किसी भय के अवैध खनन हो रहा था। लेकिन अब हिमाचल और पंजाब पुलिस मिलकर एक संयुक्त रणनीति तैयार कर रहे हैं, जिससे माफिया का जाल दोनों ओर से टूट सके। यह पहला मौका होगा जब दोनों राज्यों की टीमें समन्वयित अभियान चलाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त मोर्चा बनने के बाद माफिया के बचने के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे।आने वाले दिनों में पुलिस की विशेष निगाह चक्की और ब्यास खड्ड पर रहेगी। ये वही स्थान हैं जहाँ से रात के अंधेरे में ट्रैक्टर और टिपर के माध्यम से खनन सामग्री निकाली जाती थी। अब इन क्षेत्रों में ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
पुलिस टीम कई ऐसे गुप्त रास्तों की पहचान कर चुकी है जिनका उपयोग माफिया सीमापार खनन माल पहुंचाने में करता था। ड्रोन सर्विलांस बढ़ा दिया गया है, रात में गश्त तेज कर दी गई है और स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया है।एसपी वर्मा ने आश्वासन दिया कि इस बार कार्रवाई न केवल त्वरित होगी, बल्कि पूरी तरह फुलप्रूफ भी होगी। संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर रेड, जब्ती और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। जनता को उम्मीद है कि यह सख्त कदम क्षेत्र को अवैध खनन की समस्या से लंबे समय के लिए राहत दिलाएगा।