Shimla, 17 December-:हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर इन दिनों दो अलग-अलग रूपों में नजर आ रहे हैं। एक ओर राज्य के मैदानी और कम ऊंचाई वाले इलाकों में घने कोहरे का असर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने मैदानी जिलों और निचले इलाकों के लिए अगले तीन दिनों तक कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान बिलासपुर जिले में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर महज 50 मीटर तक सिमट गई। इससे सुबह और देर रात के समय वाहन चालकों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी जिले में भी हल्का कोहरा दर्ज किया गया, हालांकि वहां दृश्यता पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रही, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली।
उधर, प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। राज्य के 12 मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है। ठंड के चलते लोग दिनभर घरों में रहने को मजबूर हैं।राजधानी शिमला में मौसम का मिजाज इस बार कुछ अलग नजर आ रहा है। दिसंबर माह में लगातार दूसरे दिन शिमला का न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले 34 वर्षों में यह पहली बार है जब दिसंबर में शिमला की रातें इतनी गर्म रही हैं। आमतौर पर इस दौरान यहां न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर अब तक व्यापक बर्फबारी न होने के कारण ठंडी हवाओं का असर कमजोर पड़ा है। सामान्य तौर पर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से मैदानी क्षेत्रों और शिमला में सर्द हवाएं तेज हो जाती हैं, लेकिन इस बार बर्फबारी का इंतजार लंबा खिंचता दिख रहा है। इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। बर्फ न होने से पर्यटक कम पहुंच रहे हैं, जिससे होटल और पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया, तो फिलहाल ठंड से राहत बनी रहने की संभावना है।