चंडीगढ़। हरियाणा में नए साल के साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने विकास और जनकल्याण को गति देने की तैयारी तेज कर दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ एक महत्वपूर्ण अनौपचारिक बैठक कर अब तक के कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद आज (बृहस्पतिवार) होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेशवासियों को नई योजनाओं और नीतिगत फैसलों की सौगात मिलने की उम्मीद है।
अनौपचारिक बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल बीते वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा ही नहीं की, बल्कि आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर भी मंत्रियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हर मंत्री से उनके विभाग में वर्ष 2025 के दौरान हुए कार्यों, लागू योजनाओं और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि अब कागजी उपलब्धियों से आगे बढ़कर जमीन पर दिखने वाला काम ही सरकार की पहचान बनेगा।
सूत्रों के अनुसार, जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन पर मंत्रियों से जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं और लंबित फैसलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादों को समयबद्ध कार्ययोजना के तहत लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में 2026 के लिए सरकार के एजेंडे पर भी मंथन हुआ। प्रशासनिक सुधार, विकास परियोजनाओं की रफ्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाला वर्ष “डिलीवरी का साल” होना चाहिए, जहां नीतियों से ज्यादा नतीजे जनता के सामने हों।
इस अनौपचारिक मंथन के बाद अब सरकार औपचारिक निर्णयों की ओर बढ़ रही है। आज सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित होगी, जिसमें कई अहम नीतिगत फैसलों पर मुहर लग सकती है। इससे पहले 17 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में हांसी को जिला बनाए जाने का बड़ा निर्णय लिया गया था, जिससे इस बैठक को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खास उत्सुकता बनी हुई है।
कैबिनेट बैठक के बाद हरियाणा निवास में आइएएस एसोसिएशन की ओर से लंच का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अगुवाई में होने वाले इस कार्यक्रम को सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, साल के पहले दिन की यह गतिविधियां साफ संकेत दे रही हैं कि हरियाणा सरकार नए साल में रफ्तार, जवाबदेही और परिणाम आधारित शासन के एजेंडे के साथ आगे बढ़ने के मूड में है।