Jind, 4 January-:देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही जींद से सोनीपत के बीच परिचालन के लिए तैयार है। रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन का किराया बेहद किफायती रखा गया है। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों तक का सफर केवल 5 रुपए में होगा, जबकि सोनीपत तक का एकतरफा किराया 25 रुपए होगा। वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली डीजल ट्रेन में लगभग 2 घंटे लगते हैं, लेकिन हाइड्रोजन ट्रेन मात्र एक घंटे में यह दूरी तय कर लेगी।
रेलवे 20 और 21 जनवरी को इस ट्रेन का परीक्षण करने की योजना बना रहा है, जबकि इसका औपचारिक संचालन 26 जनवरी से पहले शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, अभी तक संचालन की अंतिम तारीख फाइनल नहीं हुई है।यह हाइड्रोजन ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। यह एक साथ 2500 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और 2400 किलोवाट की शक्ति वाली यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन मानी जा रही है। इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है और यह 360 किलो हाइड्रोजन में 180 किमी की दूरी तय कर सकती है।जहां डीजल ट्रेन 1 किमी दूरी तय करने के लिए 4.5 लीटर ईंधन खर्च करती है, वहीं हाइड्रोजन ट्रेन मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय कर लेती है। इससे ईंधन की लागत कम होगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक न केवल तेज और टिकाऊ यात्रा सुनिश्चित करेगी, बल्कि पर्यावरण हितैषी और आर्थिक रूप से भी लाभकारी होगी। हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से रेलवे क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद जताई जा रही है।यह लगभग 300 शब्दों में है, न्यूज़ टोन में लिखा गया है और जानकारी को आसान और पढ़ने योग्य तरीके से पेश करता है।