मंडी | जिला मंडी की एक विशेष अदालत ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर दुष्कर्म और प्रताड़ना करने के आरोपों से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए मुख्य आरोपी शक्ति चंद धीमान सहित उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
यह मामला फरवरी 2020 में महिला थाना मंडी में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि शक्ति चंद धीमान ने उससे शादी का झांसा देकर अक्तूबर 2019 से जनवरी 2020 के बीच उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का यह भी कहना था कि बाद में आरोपी ने शादी से इंकार कर दिया और उसके साथ मारपीट व मानसिक प्रताड़ना की गई।
इसके अलावा पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी के माता-पिता और बहन ने भी उसे अपशब्द कहे, मारपीट की और दहेज समेत अन्य कारणों को लेकर प्रताड़ित किया। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, प्रताड़ना और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन किया। न्यायालय ने पाया कि शिकायतकर्ता महिला बालिग थी और उसने अपनी इच्छा से आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना स्वीकार किया था। पुलिस के समक्ष दिए गए प्रारंभिक बयान में भी महिला ने यह स्वीकार किया था कि वह स्वेच्छा से आरोपी के साथ रह रही थी।
इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि विवाह के झूठे वायदे पर दुष्कर्म का आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो पाया। परिणामस्वरूप, अदालत ने शक्ति चंद धीमान, विलियम जॉन, संतोष धीमान और शिवानी धीमान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।