नई दिल्ली। पुराने और बेकार समझे जाने वाले सिम कार्ड भी सोने की खान साबित हो सकते हैं—यह दावा अब चीन से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने सच कर दिखाया है। चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के हुइझोउ शहर में रहने वाले एक व्यक्ति ने पुराने सिम कार्ड और ई-वेस्ट से करीब 191 ग्राम शुद्ध सोना निकालकर सभी को हैरान कर दिया है। इस सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है।
इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद दुनियाभर में लोग पुराने सिम कार्ड्स और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को लेकर उत्सुक हो गए हैं। हालांकि, खुद इस प्रयोग को अंजाम देने वाले व्यक्ति ने आम लोगों को इससे दूर रहने की सख्त चेतावनी भी दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
चीन के इस व्यक्ति की पहचान किआओ के रूप में हुई है। 20 जनवरी 2026 को किआओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह पुराने सिम कार्ड्स को केमिकल से भरे ड्रम में डालकर उनसे सोना निकालता नजर आया। वीडियो सामने आते ही यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
2 टन ई-वेस्ट से निकला 191 ग्राम सोना
किआओ ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उसने करीब 2 टन ई-वेस्ट को प्रोसेस किया था, जिसमें पुराने सिम कार्ड्स के अलावा खराब इलेक्ट्रॉनिक चिप्स भी शामिल थीं। कई चरणों वाली केमिकल प्रक्रिया के बाद वह करीब 191.73 ग्राम सोना निकालने में सफल रहा। इसकी कीमत लगभग 2 लाख युआन (करीब 26.5 लाख रुपये) बताई जा रही है।
सिम कार्ड में क्यों होता है सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चिप्स में बहुत ही पतली परत के रूप में सोने का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि सर्किट लंबे समय तक खराब न हों। एक सिम कार्ड में औसतन 0.001 ग्राम तक सोना मौजूद हो सकता है। यही कारण है कि बड़ी मात्रा में ई-वेस्ट से सीमित मात्रा में सोना निकाला जा सकता है।
खतरनाक और कई जगह अवैध प्रक्रिया
किआओ ने साफ तौर पर कहा है कि यह प्रक्रिया बेहद जटिल, जोखिमभरी और रसायनों के कारण खतरनाक हो सकती है। आम लोगों के लिए इसे अपनाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है और कई देशों में यह कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि केवल प्रशिक्षित और अधिकृत विशेषज्ञ ही इस तरह की प्रक्रिया अपनाएं।
इस घटना ने एक बार फिर ई-वेस्ट प्रबंधन और रिसाइक्लिंग की संभावनाओं पर दुनिया का ध्यान खींचा है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि बिना जानकारी और सुरक्षा के ऐसे प्रयोग जानलेवा साबित हो सकते हैं।