सिरसा। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के विरोध में 17 फरवरी को दोपहर 1 बजे उपायुक्त कार्यालय सिरसा में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन काटे जाने के विरोध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी पुतला फूंका जाएगा।
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि भाजपा सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में आकर जो व्यापार समझौता किया है, उससे देश के किसान, पशुपालक, मछली पालक और कृषि से जुड़े सहायक धंधों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन कॉरपोरेट घरानों ने पहले तीन कृषि कानूनों के जरिए मंडियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी, अब इस ट्रेड डील से उनके रास्ते और आसान हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता गुप्त बातचीत के जरिए किया गया है और इसकी शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया। केवल अस्पष्ट बयान जारी किए गए, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। औलख ने कहा कि इतने दूरगामी आर्थिक और संप्रभुता से जुड़े समझौते में जानकारी छिपाना देशहित के खिलाफ है।
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी सहित अन्य मांगों को लेकर 23, 24 और 25 फरवरी को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के बाहर महापड़ाव लगाया जाएगा। बीकेई के बैनर तले सिरसा से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर इस आंदोलन में भाग लेंगे। इस दौरान हरियाणा सरकार द्वारा काटी गई बुढ़ापा पेंशन की बहाली की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
इस मौके पर सुभाष झोरड़ ने कहा कि वर्ष 1987 में चौधरी देवीलाल ने किसानों के लिए बुढ़ापा पेंशन की शुरुआत की थी, लेकिन वर्तमान सरकार इसे काटने का काम कर रही है। वहीं गुरप्रीत सिंह संधू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसान विरोधी नीतियां अपना रही है और अमेरिका सहित अन्य देशों से ऐसे समझौते कर रही है, जो किसानी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कार्यक्रम में अंग्रेज सिंह कोटली, सुभाष झोरड़, गुरप्रीत सिंह संधू और मास्टर पाली राम झोरड़ सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।