नई दिल्ली | एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने बारामती विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे कई त्रुटियों और विरोधाभासों से भरा बताया है। उनका आरोप है कि रिपोर्ट में ऐसी कई असंगतियां हैं जो जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करती हैं। पवार ने यह भी कहा कि रिपोर्ट के जरिए चार्टर कंपनी वीएसआर वेंचर्स और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कुछ अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट की कमियों को उजागर करते हुए कई अहम सवाल उठाए।
28 जनवरी को हुआ था भीषण हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी को वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित लियरजेट विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें उस समय के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की ओर से जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में दुर्घटना के लिए पायलटों द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन न करना, कम दृश्यता और अनियंत्रित एयरफील्ड पर मौसम संबंधी सुविधाओं की कमी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
क्रैश सीक्वेंस पर उठाए सवाल
रोहित पवार ने रिपोर्ट में बताए गए क्रैश सीक्वेंस पर भी सवाल खड़े किए। रिपोर्ट के अनुसार विमान पहले पेड़ों से टकराया और उसके बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जबकि पवार का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां कोई पेड़ मौजूद नहीं है। उन्होंने दुर्घटना की सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि वीडियो में विमान बाईं ओर तेजी से झुकता दिखाई देता है, जबकि रिपोर्ट में दाईं ओर झुकने का उल्लेख किया गया है।
ब्लैक बॉक्स को लेकर भी उठाए सवाल
ब्लैक बॉक्स की स्थिति को लेकर भी रोहित पवार ने जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) को अत्यधिक गर्मी से नुकसान पहुंचा है। हालांकि पवार ने मलबे से बरामद ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि उनमें किसी प्रकार के थर्मल डैमेज के स्पष्ट संकेत नहीं दिखते।
एयर सेफ्टी विशेषज्ञ कैप्टन अमित सिंह ने भी कहा कि तस्वीरों में पेंट उखड़ने, कालिख या गर्मी से विकृति के कोई स्पष्ट निशान दिखाई नहीं देते। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्लैक बॉक्स के अंदरूनी नुकसान की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच से ही संभव है।
फ्लाइट प्लान और एटीसी पर भी सवाल
रोहित पवार ने जांच रिपोर्ट में जांचकर्ता के हस्ताक्षर न होने को भी गंभीर मुद्दा बताया। इसके अलावा उन्होंने फ्लाइट प्लान देर से दाखिल करने, अंतिम समय में क्रू में बदलाव और मुंबई-बारामती-मुंबई मार्ग के लिए आवश्यकता से अधिक ईंधन लोड किए जाने को लेकर भी जांच की मांग की।
मौसम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के फैसलों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि उस समय दृश्यता निर्धारित न्यूनतम 5 किलोमीटर से कम थी तो पुणे एटीसी ने विमान को बारामती जाने की अनुमति क्यों दी। उन्होंने पूछा कि विमान को पुणे या मुंबई की ओर डायवर्ट क्यों नहीं किया गया।
रोहित पवार ने कहा कि इन सभी बिंदुओं से स्पष्ट होता है कि दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की निष्पक्ष व विस्तृत जांच की आवश्यकता है।