Summer Express, फरीदाबाद | शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का उदाहरण फरीदाबाद में देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में बुजुर्गों और अन्य वयस्कों ने साक्षरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उल्लास योजना के पहले चरण की परीक्षा दी। जिले में आयोजित इस परीक्षा में 2900 से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 350 से ज्यादा बुजुर्ग भी शामिल थे।
परीक्षा का आयोजन जिले के 35 केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया गया। सभी केंद्रों पर शिक्षकों की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उल्लास योजना का उद्देश्य समाज के उन लोगों को साक्षर बनाना है जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित रह गए थे।
इस योजना के तहत दिसंबर और जनवरी में शिक्षकों ने घर-घर जाकर सर्वे किया था। इस दौरान 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को शिक्षा का महत्व समझाया गया और उन्हें पढ़ना-लिखना सीखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद सामाजिक चेतना केंद्रों पर उन्हें शब्दों और मूलभूत शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे परीक्षा के लिए तैयार हो सकें।
परीक्षा का परिणाम तीन दिन बाद उल्लास योजना के पोर्टल पर जारी किया जाएगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागियों को आगे विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। छह महीने के प्रशिक्षण के बाद सितंबर में दूसरे चरण की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
दूसरे चरण में सफल होने वाले प्रतिभागियों को उनकी रुचि के अनुसार स्वरोजगार स्थापित करने के लिए लोन और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उल्लास योजना के तहत उन लोगों को भी विशेष सुविधा दी गई, जो स्वास्थ्य या अन्य कारणों से परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। ऐसे लोगों को घर से ही परीक्षा देने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
80 वर्षीय वेदराम ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बचपन में पढ़ाई पूरी नहीं कर सके थे, लेकिन अब मौका मिला तो उन्होंने पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाया है। वहीं 75 वर्षीय श्यामवती ने कहा कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन अब पोते-पोतियों की मदद से परीक्षा की तैयारी कर उन्होंने अपने पुराने सपने को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।