Summer express, नई दिल्ली | रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब गैस सिलेंडर बुकिंग और सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित की जाएगी, ताकि फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाई जा सके।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सिस्टम को पारदर्शी बनाना और वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाना है। नए नियमों के तहत, बिना आधार सत्यापन के उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर और सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाएगा।
प्रशासन के अनुसार, इस बदलाव के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—फर्जी कनेक्शनों को खत्म करना, गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना और सरकारी सब्सिडी को सही व्यक्ति तक पहुंचाना। इससे एक ही पहचान पर चल रहे कई अवैध कनेक्शनों को बंद किया जा सकेगा।
उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए e-KYC प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है। अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन के जरिए कुछ ही मिनटों में यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित गैस कंपनी (इंडेन, एचपी गैस या भारत गैस) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करना होगा।
ऐप में लॉग-इन करने के बाद ‘e-KYC’ विकल्प चुनकर आधार फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके लिए ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप का उपयोग किया जाएगा, जो चेहरे की स्कैनिंग से पहचान की पुष्टि करता है।
प्रक्रिया पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड, कंज्यूमर नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी होना जरूरी है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है। यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी इसके लिए शुल्क मांगती है, तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों से करें।
यह नया नियम गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।