चंबा, मंजूर पठान-:हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के दावों के बीच चुराह विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
क्षेत्र की 19 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है, जिसके चलते स्थानीय लोगों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थिति यह है कि पूरे उपमंडल में केवल 2 से 3 डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं, जो उपमंडल स्तर की डिस्पेंसरी तक ही सीमित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में न तो नियमित उपचार मिल पा रहा है और न ही लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति जागरूक किया जा पा रहा है।चुराह उपमंडल की आयुर्वेदिक स्वास्थ्य व्यवस्था स्टाफ की भारी कमी से जूझ रही है। 19 डिस्पेंसरी में डॉक्टरों के सभी पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट, चपरासी और अन्य कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है।इस कारण दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को आयुर्वेदिक इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई बार लोगों को छोटे-मोटे उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
डॉ. आशु गर्ग, उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी
“हमारे उपमंडल में 19 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी हैं, लेकिन एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है। इसके साथ ही अन्य स्टाफ के कई पद भी खाली हैं। अगर इन पदों पर जल्द नियुक्तियां होती हैं, तो लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक सुविधाएं मिल सकती हैं।”