धर्मशाला , राहुल -:महाकुंभ के दौरान देशभर में चर्चा का विषय बने “आईआईटीयन बाबा” के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में अपनी पत्नी प्रतीका के साथ परिवार से मिलकर वे वापस धर्मशाला लौट आए हैं, जहां वे इन दिनों आध्यात्मिक गतिविधियों में जुटे हुए हैं।अभय सिंह का कहना है कि यदि उन्हें महाकुंभ में पहचान न मिलती, तो शायद उनकी मुलाकात प्रतीका से भी नहीं हो पाती। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मशाला के अघंजर महादेव मंदिर में उन्होंने प्रतीका के साथ विवाह किया था। इसके बाद वे अपने गृह राज्य हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव गए, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया।
अभय सिंह ने बातचीत में बताया कि उनके परिवार को पहले से ही उनके और प्रतीका के संबंध के बारे में जानकारी थी। दोनों पिछले एक वर्ष से आध्यात्मिक सत्रों में साथ काम कर रहे थे, जिन्हें परिवार के सदस्य भी देखते थे। महाकुंभ में जाने से पहले जब वे घर गए थे, तब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनका जीवन उद्देश्य “धर्म की स्थापना” करना है और वे इसी मार्ग पर आगे बढ़ेंगे।उन्होंने यह भी साझा किया कि प्रतीका ने उनका एक इंटरव्यू देखा था, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। उसी के बाद उन्होंने अभय सिंह को पहचाना और उनसे जुड़ाव महसूस किया। इसके बाद दोनों की मुलाकात हुई और यह संबंध विवाह तक पहुंचा।प्रतीका मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। दोनों अब अपने वैवाहिक जीवन से बेहद खुश हैं और आगे आध्यात्म एवं सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने की योजना बना रहे हैं।
अभय सिंह ने भविष्य में एक “सनातन यूनिवर्सिटी” स्थापित करने की इच्छा भी जताई है, जहां आध्यात्म से जुड़े लोगों को एक साझा मंच मिल सके। उल्लेखनीय है कि अभय सिंह के पिता कर्ण सिंह झज्जर के जाने-माने वकील हैं और बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रह चुके हैं।अब धर्मशाला में रहकर अभय सिंह अपने आध्यात्मिक मिशन को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।