मंडी,धर्मवीर -:मंडी जिले के पंडोह क्षेत्र में 2023 की भीषण आपदा में बह गए स्प्रेई पुल का पुनर्निर्माण अब पूरा हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। ब्यास नदी पर बना यह पुल तीन पंचायतों के सैकड़ों लोगों के लिए जीवनरेखा के समान था, जिसके बह जाने के बाद उन्हें लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए नए पुल के शुरू होने से क्षेत्र में एक बार फिर आवाजाही सुगम हो गई है।
हाल ही में दो दिवसीय मंडी दौरे पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस पुल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और धन्यवाद समारोह का आयोजन कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान 7 वर्षीय सानवी ने मंत्री को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया, जिसे देखकर मंत्री भी भावुक और प्रसन्न नजर आए।
जुलाई 2023 की आपदा में बह गया था ब्यास नदी पर बना पुराना स्प्रेई पुल
गौरतलब है कि 9 जुलाई 2023 को आई प्राकृतिक आपदा में पुराना पैदल पुल पूरी तरह बह गया था। इसके चलते लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए 6-7 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। कई बार ग्रामीणों को जोखिम उठाते हुए ब्यास नदी को रस्सियों और अस्थायी नावों के सहारे पार करना पड़ता था। इस दौरान कुछ हादसे भी सामने आए, जिनमें दो महिलाओं और एक बच्ची को डूबने से बचाया गया।स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने तेजी से कार्य करते हुए नवंबर 2024 के अंत में पुल का निर्माण कार्य शुरू किया। लगभग 42 लाख रुपये की लागत से यह पुल तैयार किया गया है। जनवरी 2025 में मंडी के तत्कालीन डीसी अपूर्व देवगन ने भी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था।
हालांकि इस पुल का औपचारिक उद्घाटन अभी बाकी है, लेकिन लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इसे पहले ही आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है और उनका दैनिक जीवन अब पहले की तरह सामान्य हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पुल उनके लिए केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाने वाला महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने सरकार और विभाग का आभार जताते हुए कहा कि यह पुल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।