Summer Express, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित अहम वार्ता से पहले वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और संभावित कूटनीतिक प्रयासों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड करीब 2 डॉलर से अधिक गिरकर 95.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी घटकर लगभग 95.20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
इससे पहले भी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। हाल ही में तनाव में कमी और सीजफायर जैसी संभावनाओं के बीच कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसे पिछले कई वर्षों की सबसे तेज गिरावटों में माना गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी नेतृत्व की ओर से सख्त रुख के संकेत दिए गए हैं, हालांकि कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है, जो इस पूरे क्षेत्र को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। यदि यह मार्ग सुचारू रूप से खुला रहता है तो सप्लाई में स्थिरता आ सकती है, लेकिन किसी भी तरह की बाधा कीमतों में तेजी का कारण बन सकती है।
भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव का सीधा असर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।